ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की more info उपस्थिति का प्रतीक है।
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।
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